Friday, March 26, 2010

कुचरणी

१
गठबन्धन री सरकार

पांगळै नै
साथै राखण रौ अळेपौ
जे नीं राखै
तौ ई स्यापौ।

२
मिनखपणौ

झूठ री नाव माथै
स्वार
मिनख जद
साच सूं परै टिप जावै
तौ मिनखपणौ
कांई लारै रैय जावै।

३
सत्तापख

पीयेड़ा
कांई कूंतंनै बोलै ?
घणकरा`क तौ
नाळियौ
मूतंनै खोलै।

४
डतरीउतार

खावै अर सोवै
सैंग सूं बेसी
पंण कांम मांय
लारै रैसी।

५
गरीब री मनवार

माचली रौ टूट्योड़ौ
बांण
बिठावै पंण
सवै कोनी
खींचातांण।




६

सीरवाळी

बूढै री
ब्यावली
ठाह नीं
कद तांईं रैयसी
कद भाज जावैली।

७

कविता
ज्यूं जपायत रै
पीड़ उठै
अर जाम्यां ई
पैंडौ छूटै।

८

कवि
जकै रै घरां
बटाऊ आंवता डरै
चाय-पाणी पछै
पैलां कविता करै।

९

सम्पादक
ठाडै रौ डोकौ
पाड़ै
डांग नै जकौ।

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